जहाँ आपकी अहमियत नहीं,
वहाँ आपकी मौजूदगी भी बेकार है।
जो रिस्तों में आपकी कद्र न करे,
उससे, आपके द्वारा दिया जाने वाला समय और फिक्र छीन लीजिये।
By Ajay Gautam
जहाँ आपकी अहमियत नहीं, वहाँ आपकी मौजूदगी भी बेकार है। जो रिस्तों में आपकी कद्र न करे, उससे, आपके द्वारा दिया जाने वाला समय और फिक्र छीन लीजिये। By Ajay…
जहाँ आपकी अहमियत नहीं,
वहाँ आपकी मौजूदगी भी बेकार है।
जो रिस्तों में आपकी कद्र न करे,
उससे, आपके द्वारा दिया जाने वाला समय और फिक्र छीन लीजिये।
By Ajay Gautam