जहाँ आपकी अहमियत नहीं, वहाँ आपकी मौजूदगी भी बेकार है।

जहाँ आपकी अहमियत नहीं, वहाँ आपकी मौजूदगी भी बेकार है। जो रिस्तों में आपकी कद्र न करे, उससे, आपके द्वारा दिया जाने वाला समय और फिक्र छीन लीजिये। By Ajay…

जहाँ आपकी अहमियत नहीं,
वहाँ आपकी मौजूदगी भी बेकार है।
जो रिस्तों में आपकी कद्र न करे,
उससे, आपके द्वारा दिया जाने वाला समय और फिक्र छीन लीजिये।

By Ajay Gautam

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Ajay Gautam

Ajay Gautam Advocate: Lawyer, Author, Columnist and Poet, Founder of OnlineNewsPortal.In and MediumPulse.com