फ़क़्र से उठना हो तो हौसले राह बना लेते हैं,
अफ़सोस तो तब है, जब शिखर पर पहुँचकर लोग सब कुछ गँवा देते हैं।
By Ajay Gautam
फ़क़्र से उठना हो तो हौसले राह बना लेते हैं, अफ़सोस तो तब है, जब शिखर पर पहुँचकर लोग सब कुछ गँवा देते हैं। By Ajay Gautam 👍Happy Customer Reviews4.9★★★★★803…
फ़क़्र से उठना हो तो हौसले राह बना लेते हैं,
अफ़सोस तो तब है, जब शिखर पर पहुँचकर लोग सब कुछ गँवा देते हैं।
By Ajay Gautam