सच में धर्म और धर्म में सच समझना है तो, शब्दार्थ छोड़ कर भावार्थ में जाओ।
सच में धर्म और धर्म में सच को समझने के लिए शब्दों के जाल से निकलकर भावार्थ को समझना ही एकमात्र मार्ग है।
By Ajay Gautam
सच में धर्म और धर्म में सच समझना है तो, शब्दार्थ छोड़ कर भावार्थ में जाओ। सच में धर्म और धर्म में सच को समझने के लिए शब्दों के जाल…
सच में धर्म और धर्म में सच समझना है तो, शब्दार्थ छोड़ कर भावार्थ में जाओ।
सच में धर्म और धर्म में सच को समझने के लिए शब्दों के जाल से निकलकर भावार्थ को समझना ही एकमात्र मार्ग है।
By Ajay Gautam