सच में धर्म और धर्म में सच समझना है तो, शब्दार्थ छोड़ कर भावार्थ में जाओ।

सच में धर्म और धर्म में सच समझना है तो, शब्दार्थ छोड़ कर भावार्थ में जाओ। सच में धर्म और धर्म में सच को समझने के लिए शब्दों के जाल…

सच में धर्म और धर्म में सच समझना है तो, शब्दार्थ छोड़ कर भावार्थ में जाओ।
सच में धर्म और धर्म में सच को समझने के लिए शब्दों के जाल से निकलकर भावार्थ को समझना ही एकमात्र मार्ग है।

By Ajay Gautam

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Ajay Gautam

Ajay Gautam Advocate: Lawyer, Author, Columnist and Poet, Founder of OnlineNewsPortal.In and MediumPulse.com