तेरी चाहत अगर यूँ ही मिलती रहे,
मैं मोहब्बत के नग़मे सुनाता रहूँ।
तेरी आँखों में हर रोज़ डूबा करूँ,
अपने दिल को वहीं पर बसाता रहूँ।
तेरी मुस्कान से रौशन हो मेरी सुबह,
तेरी यादों में हर शाम बिताता रहूँ।
तेरे लब पर जो ठहर जाए मेरा नाम भी,
इस दुआ को ही रब से मैं माँगता रहूँ।
तेरे कदमों से महके अगर ये सफ़र,
हर खुशी तेरे दामन में लाता रहूँ।
चाँद भी देख ले तुझको तो शरमा उठे,
रात भर तेरी सूरत निहारता रहूँ।
तू अगर साथ चल दे ज़रा प्यार से,
हर जनम तेरा होकर निभाता रहूँ।
तेरी चाहत अगर यूँ ही मिलती रहे,
मैं मोहब्बत के नग़मे सुनाता रहूँ।
By Ajay Gautam
