अब समझ आया जिंदगी में अपनों का मतलब,
ये लोग इधर भी रहते हैं और उधर भी रहते हैं।
अब समझ आया अपनों का मतलब क्या होता है,
कोई इधर का होकर भी उधर का होता है।
रिश्तों की भी अजीब सियासत देखी हमने,
जो अपने थे, उन्हें हर तरफ़ का होते देखा हमने।
यहाँ रिश्ते भी बड़े कमाल के होते हैं,
सामने अपने, पीछे किसी और के होते हैं।
अजीब दौर है, रिश्तों की पहचान क्या करें,
जो हमारे हैं, वही गैरों में भी शुमार हैं।
अब समझ आया क्यों टूटते हैं भरोसे अक्सर,
कुछ लोग इधर भी रहते हैं और उधर भी रहते हैं।
By Ajay Gautam
