आप खुशनसीब हैं, अगर आपका जीवनसाथी गुस्से में भी आपसे बदतमीजी नहीं करता, आपकी इज्जत का ख्याल रखता है और अपने गुस्से को आपके सम्मान से ऊपर नहीं रखता।
गुस्से में भी मर्यादा न लांघना और साथी के सम्मान का ख्याल रखना एक स्वस्थ और मजबूत रिश्ते की निशानी है।
गुस्से में भी जो साथी की इज़्ज़त बचाता है,
वही रिश्ता दुनिया में मज़बूती पाता है।
तल्ख़ियों में भी न लांघे जो हदें अदब की,
सच्चा प्यार उसी का परचम लहराता है।
गुस्सा तो एक पल का तूफ़ान होता है,
पर जो इज्जत रखे, वो सच्चा इंसान होता है।
लड़ाई में भी जो जुबां को थाम लेता है,
वो दिल पर नहीं, रूह पर राज करता है।
नाराजगी लाख हो मगर हक न छीने जो सम्मान का,
खुदा ऐसे हमसफर पर मेहरबान होता है।
क्रोध में भी जो रखे रिश्तों की आबरू का मान,
ऐसे हमसफ़र को मेरा दिल से है सलाम।
By Ajay Gautam
