कुछ लोग रिश्ते नहीं खोते, रहबरी के फ़रिश्ते खोते हैं,
फिर उम्र भर अपने ही साए में रास्ते खोजते हैं।
वो हाथ छूट गया जो अँधेरों में थाम लेता था,
अब हर मोड़ पे दिल ख़ुद से ही सवाल करता है।
कुछ लोग चले जाते हैं तो, सिर्फ ख़ाली नहीं होता घर,
उनके जाने से भीतर का एक शहर वीरान होता है।
वो शख़्स सिर्फ़ अपना नहीं, मेरा रास्ता था,
उसके बाद सफ़र तो रहा, मगर मंज़िल गुम हो गई।
जिसने गिरकर उठना और हारकर लड़ना सिखाया,
वो चला गया तो जीत भी कुछ अधूरी-सी लगी।
वो मेरी ख़ामोशी में भी मतलब समझ लेता था,
अब बोलता हूँ बहुत, मगर समझता कोई नहीं।
कुछ लोग ज़िंदगी में दुआ बनकर आते हैं,
बिछड़ जाएँ तो हर दुआ में उनकी कमी रहती है।
जिसे हम अपना समझकर उम्र भर सँभालते रहे,
वही एक दिन हमें ख़ुद से संभलना सिखा गया।
कभी-कभी बिछड़ना किसी इंसान से नहीं होता,
हम अपने भीतर की एक पूरी रोशनी खो देते हैं।
कुछ लोग हमारे जीवन का हिस्सा नहीं होते,
वे हमारे जीवन की दिशा होते हैं।
उनके जाने के बाद इंसान सिर्फ़ अकेला नहीं होता,
वह अपने रास्ते का यक़ीन भी खो देता है।
By Ajay Gautam
