चेहरे पे मुस्कान रखकर दिल में ख़ंजर रखते हैं,
कुछ लोग अपनी जेब में कितने समंदर रखते हैं।
बात छोटी थी मगर लहजा क़यामत कर गया,
एक अल्फ़ाज़ ने बरसों की मोहब्बत छीन ली।
कुछ लोग जीत जाते हैं सिर्फ़ बदज़ुबानी से,
और हम हार जाते हैं तहज़ीब निभाते-निभाते।
आईनों से पूछिए किसका चेहरा साफ़ है,
हम भी सीने में कई तूफ़ान बेअसर रखते हैं।
वक़्त की चौखट पे सब चेहरे बदल जाते हैं,
कुछ ही रिश्ते उम्र भर अपना असर रखते हैं।
हमने हर ज़ख़्म को हँसकर भी छुपाया दिल में,
लोग छोटी-सी ख़ता का भी हिसाब रखते हैं।
उनकी फ़ितरत है, बदलना रिश्ते मौसम के साथ,
हम पुराने हैं, दिल में वही पुराना घर रखते हैं।
हमसे मत पूछिए क्यों चुप हैं ज़माने भर से,
लब्ज खामोश है कि, रिश्तों के टूटने का डर रखते हैं।
By Ajay Gautam
