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बड़े बेग़ैरत हो, तोतला बचपन भुला दिया

बड़े बेग़ैरत हो, तोतला बचपन भुला दिया,
अब बुज़ुर्गों को भी झाड़ देते हो, “साफ़-साफ़ बोलो” कहकर।

वक़्त ने बस उम्र बदली है, रिश्ते नहीं बदले,
तुम बदल गए हो शायद, ज़माना बदल गया कहकर।

By Ajay Gautam