पागल ठीक हो सकता है, ये सुना था हमने,
तुमसे मिले तो जाना—कुछ लोग लाइलाज होते हैं।
तुम्हारा इश्क़ भी अजीब बीमारी है,
दर्द बढ़ता है और इलाज अच्छा लगता है।
पागल तो दवा से ठीक हो जाता है,
तुम्हें क्या दूँ—तुम तो इश्क़ में बिगड़े हो।
मोहब्बत भी कमाल की बीमारी निकली,
दवा लेने गए थे, तुम्हारी तस्वीर ले आए।
तुमसे मिला तो समझ आया मोहब्बत क्या चीज़ है,
वरना पागलपन को हम बस एक बीमारी समझते थे।
By Ajay Gautam
