एक थप्पड़ तो बनता है… वादा न निभाने पर।
झूठे ख़्वाब दिखाकर, वादों से बहलाने पर,
उम्मीदों को बार-बार यूँ तोड़ने पर,
सज़ा तो नहीं माँगता हूँ, मगर,
एक थप्पड़ तो बनता है… वादा न निभाने पर।
By Ajay Gautam
थप्पड़ = ‘मुंह पर जवाब देना’ किसी की बात का तुरंत और कड़क तरीके से ऐसा उत्तर देना कि सामने वाला चुप हो जाए। यह एक बोलचाल का मुहावरा है, जिसका शारीरिक हिंसा या थप्पड़ से सीधा संबंध नहीं है, बल्कि यह मानसिक और मौखिक रूप से अपनी बात मजबूती से रखने को दिखाता है।

